"बोल, क्या काम है?"
"एक बंदे को हटाने का है?"
" एक खोका होयगा...."
"इतना.....?"
"इतना मतलब?..... पचास पेटी तो उधर दुबै भेजना पडता, पच्चीस इद्दर पुलिस
कमिश्नर को, दस बीस तो साला पॉल्टीशियन को जाता... मेरे हात में आताईच
कितना...हर काम के लिये नया घोडा भी मंगाना पडता है वो अलग"
"नही.. पर एक खोका बहोत ज्यादा हो रहा है"
"देख.. तेरे को जमता तो बोल, खालीपिली टाईम पास मत कर...."
"मै क्या बोलता, वो दुबै तक जाने का मॅटर करेंगेच नहीं हम लोग तो?"
"तो फिर किसी कोपचेकापचे में गुपचूप बड्डे मनाना पडेंगा.. मजाकसे भी भाई
को मालूम पडा ना तो तेरे सर में आठ, और मेरे सर में आठ कँडल लगा देगा वो"
"नै.. अपने को इतना मचमच करनेका है ही नही. आदमी गायब हो जावे बस....."
"फिरभी पुलिस का चक्कर तो आता हैच ना भाय.. किसीको ठोकेगा तो पुलिस
बराब्बर समजती के किसने गेम कियेला है.. तेरेपास तो पैले पोचेगा.. फिर?"
"आप उसका थोबडा बिगाड देने का.... पुलिस उसका पैचान नही कर पायेगा... पुरा मॅगझिन उतार देने का उसके थोबडे पे..."
"मतलब.. कोपचे में ले के.. आराम से बैठके उसका थोबडे का मेक अप भी करने
का? भोत मुश्किल काम होता रे वो.. तेरे को क्या सचमें बड्डे लगा क्या....
मतलब ऐसा केकपर से क्रीम उठाया और घिस दिया के कोई पैचानेइच ना बड्डे किसका
है... बीस पच्चीस गोली तो पूरा शेप बिगाडने में लग जाता है... आजकल वो
साला दात भी तोडना पडता है."
"उतना कर देने का भाइ.. आपके सिवा कोई भी इतना बडा गुर्देवाला अख्खा इंडियामें नही है भाई.. इसके वास्ते आपके पास आया"
"ओके, लेकीन फिरभी कोई पोलिटीशियन घुसेगाइच रे बीचमें.... इन लोगो को जिधर
बास आताय उधर पैले सुंघते जाताय रे... पुरा बखेडा खडा कर देता है.. दस लाख
से कम में मानेगाईच नही रे वो.."
"मै क्या बोलता भाय.. अपन इधर
को ये काम करनेकाईच नही.... ट्रेकिंगपे किधरतो भी दूर गावखेडेमें ले
जायेंगे... उधर दोन महिना लाश मिलेगाच नही... मै पुरा बंदोबस्त कर
दूंगा.... आपको बस ठोकनेका काम रहेगा..."
"अबे लेकीन वो नया घोडा लाने का है.. उसका पाच लाख तो देगा की नही....?"
"सुनो ना... तुमको घोडा और बुलेट मैंच लाके दिया तो कैसा रहेगा?"
"वो भी तूच लाके देगा?"
"हां ... "
"ठिक है तो.. कल पांच पेटी लेकर आजा... साथमें बंदे का फोटो और पुरा डिट्टेल लेके आने का"
" अरे भाइ, अब पांच लाख किस बात का...."
"अबे, तेरा दिमाग खराब है क्या... घोडा तो मेरे कोही चलानेका ना? उसका तो पैसा देनेवाला है की नही तू...."
"उसका क्या पैसा मांगते भाई आप.. वो तो आपका रोजका काम है... खाली ट्रीगर
तो दबाने का है.... उसका पांच लाख मतलब कुच्छ भी बोलते हो आप... वो तो क्या
कोई भी कर सकता है.... उसमें इतना क्या है?"
(Just a normal day in the life of any professional)
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